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शिमला मनीषा मित्तल हत्याकांड: करोड़ों की संपत्ति बनी हत्या की वजह, चार पर चार्जशीट

करोड़ों की संपत्ति के विवाद में बहन की हत्या की साजिश का आरोप

भाई हिमांक, गोविंद और दो कथित शूटरों पर चार्जशीट दाखिल

8.50 लाख रुपये ट्रांसफर और फर्जी पहचान से होटल में ठहरने का खुलासा


शिमला के संजौली स्थित सरस्वती पैराडाइज इंटरनेशनल स्कूल की संचालिका मनीषा मित्तल हत्याकांड में पुलिस ने जांच पूरी करने के बाद अदालत में चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस जांच के अनुसार, हत्या के पीछे किसी आपराधिक गिरोह की पुरानी रंजिश नहीं, बल्कि करोड़ों की संपत्ति को लेकर भाई-बहन के बीच चल रहा विवाद अहम वजह रहा।

मामले में मनीषा के भाई हिमांक, उसके पार्टनर गोविंद और दो कथित शूटरों दीपक तथा आशीष अहलावत को आरोपी बनाया गया है। पुलिस के अनुसार, हिमांक और गोविंद पर हत्या की साजिश रचने का आरोप है, जबकि दीपक और आशीष अहलावत पर कथित तौर पर हत्या को अंजाम देने का आरोप है।

जांच में पुलिस को आर्थिक लेनदेन से जुड़े अहम सुराग भी मिले हैं। पुलिस के अनुसार, 8.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आई है। इसके अलावा आरोपियों के फर्जी पहचान के आधार पर होटल में ठहरने की जानकारी भी जांच में सामने आई है। इन तथ्यों को पुलिस ने अपनी जांच में महत्वपूर्ण कड़ियों के रूप में शामिल किया है।

संपत्ति विवाद से शुरू हुई रिश्तों में कड़वाहट

पुलिस जांच के मुताबिक हिमांक और मनीषा के बीच शिमला और हरियाणा की संपत्तियों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। मामला केवल पारिवारिक मतभेद तक सीमित नहीं रहा, बल्कि संपत्ति के अधिकार और लेनदेन को लेकर कानूनी लड़ाई तक पहुंच गया था।

इसी विवाद में गोविंद की भी भूमिका सामने आई। पुलिस के अनुसार, हिमांक ने रोहतक के बाबरा मोहल्ला माता दा दरवाजा चौक स्थित करीब 150 गज की संपत्ति गोविंद को लगभग 86 लाख रुपये में बेची थी।

मनीषा ने इस संपत्ति के सौदे को लेकर स्थानीय अदालत में दीवानी मुकदमा दायर किया था। इसके बाद संपत्ति को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद और गहरा गया।

रजिस्ट्री और वसीयत को लेकर भी गंभीर आरोप

जांच के दौरान सामने आया कि मनीषा का आरोप था कि संपत्ति की रजिस्ट्री गलत तरीके से की गई है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि हिमांक ने संपत्ति की वसीयत अपने नाम फर्जी तरीके से करवाई थी।

यही संपत्ति विवाद बाद में हत्या की साजिश से जुड़ने की अहम कड़ी बना। पुलिस के अनुसार, लंबे समय से चल रहे विवाद के कारण हिमांक और गोविंद मनीषा से नाराज थे और इसी पृष्ठभूमि में कथित तौर पर हत्या की योजना बनाई गई।

हालांकि, इन सभी आरोपों का अंतिम निर्णय अदालत में साक्ष्यों और सुनवाई के आधार पर होगा। फिलहाल पुलिस ने अपनी जांच के आधार पर चार आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।

गोविंद ने पुलिस को बताई विवाद की कड़ी

पुलिस जांच के दौरान गोविंद ने कथित तौर पर बताया कि मनीषा ने उससे कहा था कि खरीदी गई संपत्ति पर कदम रखने पर उसे इसके बुरे परिणाम भुगतने होंगे

पुलिस के अनुसार, संपत्ति को लेकर बढ़ते विवाद और दोनों पक्षों के बीच तनाव ने मामले को गंभीर रूप दे दिया। जांच एजेंसी ने इसी घटनाक्रम को हत्या की कथित साजिश की पृष्ठभूमि से जोड़कर देखा है।

चार्जशीट में पुलिस ने आरोपियों की भूमिका को अलग-अलग तरीके से दर्ज किया है। हिमांक और गोविंद पर साजिश में शामिल होने का आरोप है, जबकि दीपक और आशीष अहलावत को कथित शूटर के रूप में आरोपी बनाया गया है।

8.50 लाख रुपये के लेनदेन की कड़ी भी सामने आई

मामले की जांच में पुलिस को 8.50 लाख रुपये के ट्रांसफर से जुड़ी जानकारी भी मिली है। यह आर्थिक लेनदेन जांच में महत्वपूर्ण माना जा रहा है और पुलिस ने इसे हत्या की साजिश से जोड़कर देखा है।

इसके अलावा जांच में कथित तौर पर फर्जी पहचान से होटल में ठहरने की बात भी सामने आई। पुलिस ने इस कड़ी को भी आरोपियों की गतिविधियों और कथित साजिश की पड़ताल में शामिल किया है।

आर्थिक लेनदेन, होटल में ठहरने और संपत्ति विवाद से जुड़े घटनाक्रम को जोड़कर पुलिस ने मामले की पूरी कड़ी तैयार करने का प्रयास किया है।

हत्या से पहले भाई हिमांक पर भी हुआ था जानलेवा हमला

मामले में एक और महत्वपूर्ण तथ्य सामने आया है। मनीषा की हत्या की कथित साजिश सामने आने से पहले एक जून को हिमांक पर भी जानलेवा हमला हुआ था।

पुलिस जांच के अनुसार, उस समय भी दोनों पक्षों के बीच संपत्ति विवाद और तनाव बना हुआ था। हिमांक पर हुए हमले ने पहले से चल रहे विवाद को और गंभीर बना दिया था।

अब पुलिस ने इस पूरे घटनाक्रम को भी जांच की पृष्ठभूमि में देखा है। संपत्ति विवाद के बीच पहले भाई पर हमला और बाद में मनीषा की हत्या का मामला सामने आने से जांच की दिशा और भी महत्वपूर्ण हो गई।

चार आरोपियों के खिलाफ अदालत में पहुंचा मामला

जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने हिमांक, गोविंद, दीपक और आशीष अहलावत के खिलाफ अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। पुलिस के अनुसार, चारों की कथित भूमिका मामले में अलग-अलग रही है।

पुलिस ने संपत्ति विवाद, आर्थिक लेनदेन, होटल में ठहरने और आरोपियों के बीच कथित संपर्क सहित जांच में सामने आए तथ्यों को चार्जशीट का हिस्सा बनाया है।

अब मामला अदालत की प्रक्रिया में आगे बढ़ेगा। चार्जशीट दाखिल होने के बाद अदालत में उपलब्ध कराए गए साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आगे की सुनवाई होगी।

करोड़ों की संपत्ति से शुरू हुआ विवाद हत्या तक पहुंचा

मनीषा मित्तल हत्याकांड ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि संपत्ति का विवाद किस हद तक रिश्तों में दरार पैदा कर सकता है। जिस विवाद की शुरुआत संपत्ति की रजिस्ट्री, वसीयत और बिक्री को लेकर हुई, पुलिस जांच के अनुसार वही विवाद कथित हत्या की साजिश की वजह बन गया।

हालांकि पुलिस ने अपनी जांच के आधार पर आरोप तय करते हुए चार्जशीट दाखिल कर दी है, लेकिन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में होना है। मामले की आगामी सुनवाई में यह स्पष्ट होगा कि पुलिस की ओर से पेश किए गए साक्ष्य आरोपों को किस तरह साबित करते हैं।